निवेश, रक्षा सहयोग और अफ्रीका में बहुपक्षीय जुड़ाव के माध्यम से भारत-इथियोपिया रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना

इथियोपिया, जो Horn of Africa में एक महत्वपूर्ण शक्ति और African Union का मुख्यालय है, भारत के लिए अपनी क्षेत्रीय उपस्थिति का विस्तार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। ऐतिहासिक रूप से शिक्षा और Pan-African e-Network के माध्यम से जुड़े, यह संबंध अब फार्मास्यूटिकल्स, खनन और नवीकरणीय ऊर्जा में रणनीतिक निवेश की ओर विकसित हो रहे हैं। BRICS के एक नए सदस्य के रूप में, इथियोपिया भारत को African Continental Free Trade Area (AfCFTA) के लिए एक प्रवेश द्वार प्रदान करता है। Double Taxation Avoidance Agreement (DTAA) जैसे द्विपक्षीय समझौतों को मजबूत करना और रक्षा सहयोग बढ़ाना तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में इस साझेदारी को ठोस बनाने के लिए आवश्यक कदम हैं।

मुख्य बिंदु

  • इथियोपिया अफ्रीका की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और African Union के मुख्यालय के रूप में कार्य करता है।
  • भारत इथियोपिया के शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक भागीदार रहा है और Pan-African e-Network परियोजना के लिए मार्गदर्शक (pilot) रहा है।
  • खनन (सोना, महत्वपूर्ण खनिज) और नवीकरणीय ऊर्जा (जलविद्युत) में सहयोग के नए अवसर मौजूद हैं।
  • BRICS और AfCFTA में इथियोपिया की सदस्यता गहरे भारतीय आर्थिक जुड़ाव के लिए एक बहुपक्षीय मंच प्रदान करती है।

परीक्षा तथ्य

  • Pan-African e-Network परियोजना शुरू: 2007
  • इथियोपिया की स्थिति: Horn of Africa में स्थलवरुद्ध (Landlocked) देश
  • बहुपक्षीय समूह: BRICS, G-20, AfCFTA
  • द्विपक्षीय समझौते: DTAA और Bilateral Investment Treaty

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