सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों सहित सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। इन जानवरों को निर्दिष्ट आश्रयों (shelters) में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। स्थानांतरण से पहले, Animal Birth Control (ABC) Rules, 2023 के अनुसार कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जाना चाहिए। अदालत ने कुत्ते के काटने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि और राजमार्गों पर आवारा जानवरों से जुड़ी लगातार दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। इसने स्थानीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया कि जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए परिसरों को बाड़ (fencing) और फाटकों से सुरक्षित किया जाए, जिसकी अनुपालन रिपोर्ट आठ सप्ताह के भीतर देनी होगी।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों जैसे संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को 'तत्काल' (forthwith) हटाने का आदेश दिया।
- स्थानांतरित कुत्तों को Animal Birth Control (ABC) Rules, 2023 के अनुसार नसबंदी और टीकाकरण से गुजरना होगा।
- अदालत ने जोर दिया कि निर्देश की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए किसी विशिष्ट स्थान से हटाए गए कुत्तों को उसी इलाके में वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
- राज्य सरकारों को उन संस्थानों की पहचान करने के लिए दो सप्ताह के भीतर एक सर्वेक्षण करने की आवश्यकता है जहाँ से कुत्तों को हटाने की आवश्यकता है।
- स्थानीय निकायों को परिसरों को सुरक्षित करने के लिए किए गए उपचारात्मक उपायों के संबंध में आठ सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
परीक्षा तथ्य
- Animal Birth Control (ABC) Rules, 2023.
- इस मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी, 2026 को निर्धारित है।
- नगर निकायों द्वारा आठ सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए।
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