Biodiversity Beyond National Jurisdiction (BBNJ) Agreement और इसकी चुनौतियों को समझना
High Seas Treaty, जिसे औपचारिक रूप से Biodiversity Beyond National Jurisdiction (BBNJ) समझौते के रूप में जाना जाता है, का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जल में समुद्री जीवन की रक्षा करना है। यह Marine Protected Areas (MPAs), Environmental Impact Assessments (EIAs) और Marine Genetic Resources (MGRs) से लाभों के साझाकरण के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है। हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं, जिनमें 'Common heritage of humankind' सिद्धांत बनाम 'Freedom of the high seas' की अस्पष्टता शामिल है। अमेरिका, चीन और रूस जैसी प्रमुख शक्तियों की गैर-भागीदारी और विकसित देशों द्वारा 'Biopiracy' की संभावना पर भी चिंता है, जिनके पास इन संसाधनों का दोहन करने की तकनीक है।
मुख्य बिंदु
- BBNJ समझौता 'High Seas' को कवर करता है, जो किसी भी देश के Exclusive Economic Zone (EEZ) से परे समुद्र के क्षेत्र हैं।
- संधि का एक मुख्य स्तंभ Marine Genetic Resources (MGRs) से प्राप्त मौद्रिक और गैर-मौद्रिक लाभों का उचित और न्यायसंगत साझाकरण है।
- प्रमुख समुद्री शक्तियों द्वारा अनुसमर्थन की कमी और International Seabed Authority (ISA) जैसे मौजूदा निकायों के साथ संभावित संघर्षों के कारण संधि को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
- 'Common heritage of humankind' सिद्धांत विवाद का विषय है, क्योंकि विकसित देश 'Freedom of the high seas' के तहत अप्रतिबंधित पहुंच का समर्थन करते हैं।
परीक्षा तथ्य
- High Seas Treaty औपचारिक रूप से Biodiversity Beyond National Jurisdiction (BBNJ) समझौता है।
- इसे जून 2023 में अपनाया गया था और इसे लागू होने के लिए 60 अनुसमर्थन की आवश्यकता है (जनवरी 2026 तक अपेक्षित)।
- यह संधि UN Convention on the Law of the Sea (UNCLOS), 1982 के ढांचे पर आधारित है।
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