Green Maritime साझेदारी और Blue Economy सहयोग के माध्यम से नॉर्वे और भारत ने संबंधों को मजबूत किया

भारत और नॉर्वे 'Green Maritime' क्षेत्र के माध्यम से अपने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा कर रहे हैं, जिसे India-EFTA Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) द्वारा बल मिला है। समुद्री तकनीक में अग्रणी नॉर्वे, टिकाऊ शिपिंग कॉरिडोर, जहाज निर्माण और अमोनिया एवं हाइड्रोजन जैसे हरित ईंधन पर भारत के साथ सहयोग कर रहा है। यह साझेदारी 'Blue Economy' पर भी केंद्रित है, जिसमें समुद्री प्रदूषण शमन और टिकाऊ महासागर प्रबंधन शामिल है। नॉर्वेजियन-नियंत्रित जहाजों पर भारतीय नाविकों की दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीयता होने के साथ, यह सहयोग समुद्री उद्योग में प्रशिक्षण और लैंगिक समानता तक फैला हुआ है, जो भारत के Maritime India Vision 2030 के अनुरूप है।

मुख्य बिंदु

  • India-EFTA TEPA समुद्री क्षेत्र में बढ़ते व्यापार और निवेश के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।
  • नॉर्वे शून्य-उत्सर्जन स्वायत्त जहाजों और हरित शिपिंग बुनियादी ढांचे को विकसित करने में भारत की सहायता कर रहा है।
  • समुद्री प्रदूषण और टिकाऊ महासागर प्रबंधन पर 'India-Norway Task Force on Blue Economy' केंद्रित है।
  • Maritime India Vision 2030 और Amrit Kaal 2047 टिकाऊ समुद्री संचालन में नॉर्वे की विशेषज्ञता के साथ मेल खाते हैं।

परीक्षा तथ्य

  • India-EFTA TEPA (Trade and Economic Partnership Agreement) 1 अक्टूबर को लागू हुआ।
  • नॉर्वेजियन-नियंत्रित जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविक दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीयता हैं।
  • नॉर्वे ने दुनिया का पहला शून्य-उत्सर्जन, स्वायत्त कंटेनर जहाज 'Yara Birkeland' लॉन्च किया।

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