भारत की रिपोर्ट की गई और गणना की गई कुल प्रजनन दर (TFR) के बीच विसंगति का विश्लेषण
UN State of World Population 2025 की रिपोर्ट बताती है कि भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate - TFR) गिरकर 1.9 हो गई है, जो 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर (replacement level) से नीचे है। हालांकि, यह लेख सवाल उठाता है कि क्या यह आंकड़ा वास्तविकता को दर्शाता है, क्योंकि TFR गणना में उपयोग की जाने वाली 'synthetic cohort' धारणा की अपनी सीमाएं हैं। TFR 'tempo effects' (बच्चे पैदा करने के समय में बदलाव) के प्रति संवेदनशील है—यदि महिलाएं जन्म में देरी करती हैं, तो यह कृत्रिम रूप से दर को कम कर सकता है। NFHS दौर के आंकड़े प्रजनन प्राथमिकताओं में बदलाव दिखाते हैं, जिसमें युवा समूहों में जन्म में गिरावट और पुराने समूहों में वृद्धि हुई है, जो बताता है कि भारत का जनसांख्यिकीय संक्रमण जटिल है और विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न है।
मुख्य बिंदु
- TFR एक सांख्यिकीय माप है जो वर्तमान आयु-विशिष्ट प्रजनन दर (ASFR) के आधार पर एक महिला के बच्चों की औसत संख्या की गणना करता है।
- विवाह और बच्चे पैदा करने में देरी (tempo effect) से उन बच्चों की वास्तविक संख्या का कम अनुमान लगाया जा सकता है जो महिलाओं के अंततः होंगे।
- वास्तविक और गणना किए गए TFR के बीच का अंतर विशेष रूप से उन विकासशील देशों में महत्वपूर्ण है जो तेजी से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों से गुजर रहे हैं।
- जबकि कम TFR जनसंख्या वृद्धि को कम करता है, यह बढ़ती उम्र की आबादी और सिकुड़ते कार्यबल के संबंध में चिंताएं पैदा करता है।
परीक्षा तथ्य
- भारत का TFR 1.9 रिपोर्ट किया गया है।
- प्रतिस्थापन स्तर की प्रजनन दर (Replacement level fertility) 2.1 है।
- डेटा स्रोतों में NFHS-3, NFHS-4 और NFHS-5 शामिल हैं।
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