सरकार ने GST व्यवस्था को सरल बनाया, उपभोक्ताओं को लाभ पहुँचाने के लिए टैक्स स्लैब में की कटौती
केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने Goods and Services Tax (GST) व्यवस्था के महत्वपूर्ण सरलीकरण की घोषणा की, जो 22 सितंबर से प्रभावी है। पिछले चार-स्लैब ढांचे (5%, 12%, 18% और 28%) को 5% और 18% के दो प्राथमिक स्लैब में सुव्यवस्थित किया गया है, जिसमें विशिष्ट विलासिता या डिमेरिट वस्तुओं के लिए 40% की विशेष दर आरक्षित है। इस पुनर्गठन से दैनिक उपयोग की 54 वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आई है, जिनमें मोटरसाइकिल, कार और टेलीविजन शामिल हैं। मंत्री ने जोर दिया कि निर्माताओं ने इन कर लाभों को उपभोक्ताओं तक सफलतापूर्वक पहुँचाया है, जिसके परिणामस्वरूप दोपहिया और यात्री वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्य बिंदु
- कर संरचना की जटिलता को कम करने के लिए 22 सितंबर को GST व्यवस्था को सरल बनाया गया।
- चार मौजूदा टैक्स स्लैब को 5% और 18% के दो मुख्य स्लैब में समेकित किया गया है।
- वस्तुओं की एक विशिष्ट श्रेणी पर 40% की विशेष कर दर लागू की गई है।
- दैनिक उपयोग की 54 वस्तुओं की कीमतों में कटौती की पुष्टि की गई है, जिससे ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में उपभोक्ता मांग बढ़ी है।
परीक्षा तथ्य
- सरलीकरण की प्रभावी तिथि: 22 सितंबर।
- नए प्राथमिक टैक्स स्लैब: 5% और 18%।
- कीमतों में गिरावट वाली दैनिक उपयोग की वस्तुओं की संख्या: 54।
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