भारतीय राज्य संशोधित फार्मास्युटिकल विनिर्माण और दवा गुणवत्ता मानदंडों का पूरी तरह से पालन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा फार्मास्युटिकल मानकों को अपग्रेड करने के प्रयासों के बावजूद, किसी भी भारतीय राज्य ने Corrective and Preventive Action (CAPA) दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया है। ये दिशानिर्देश Drugs and Cosmetics Rules के संशोधित Schedule M का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक गुणवत्ता मानक सुनिश्चित करना है। हालांकि 18 राज्यों ने Online National Drugs Licensing System (ONDLS) को अपना लिया है, लेकिन CAPA का कार्यान्वयन स्वैच्छिक और धीमा बना हुआ है। मिलावटी भारतीय निर्मित कफ सिरप से जुड़ी हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को देखते हुए अनुपालन की यह कमी चिंताजनक है। मंत्रालय इस बात पर जोर देता है कि विनिर्माण दोषों की व्यवस्थित जांच और समाधान के लिए CAPA आवश्यक है।

मुख्य बिंदु

  • संशोधित Schedule M सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारत के फार्मास्युटिकल विनिर्माण नियमों का एक महत्वपूर्ण अपडेट है।
  • CAPA (Corrective and Preventive Action) फार्मा उद्योग में प्रक्रिया सुधार के लिए एक सार्वभौमिक गुणवत्ता प्रबंधन पद्धति है।
  • ONDLS पूरे भारत में पारदर्शी दवा लाइसेंसिंग के लिए CDAC और CDSCO द्वारा विकसित एक सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
  • 5,308 MSME फार्मा कंपनियों में से केवल 3,838 ने अब तक संशोधित Schedule M GMP मानकों का पालन किया है।

परीक्षा तथ्य

  • नियामक ढांचा: Drugs and Cosmetics Rules का संशोधित Schedule M।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म: Online National Drugs Licensing System (ONDLS)।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: CDSCO और CDAC।

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