भारत ने भूटान के साथ कनेक्टिविटी और व्यापार बढ़ाने के लिए दो प्रमुख रेलवे लिंक की घोषणा की
भारत सरकार ने भारत और भूटान को जोड़ने वाले दो रेलवे लिंक के विकास की घोषणा की है: कोकराझार-गेलेफू लाइन (असम) और बनारहाट-सामत्से लाइन (पश्चिम बंगाल)। कुल 89 किमी में फैले और ₹4,033 करोड़ की लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य भूटानी अर्थव्यवस्था, पर्यटन और लोगों की आवाजाही को बढ़ावा देना है। भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, और ये लिंक भूटानी वस्तुओं को भारतीय रेलवे नेटवर्क के माध्यम से वैश्विक बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेंगे। यह पहल भारत की 13th Five-Year Plan के तहत जलविद्युत परियोजनाओं और विकास सहायता सहित एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है।
मुख्य बिंदु
- कोकराझार-गेलेफू और बनारहाट-सामत्से लाइनें भारत और भूटान के बीच पहली रेल कनेक्टिविटी परियोजनाएं होंगी।
- परियोजनाओं को Vande Bharat ट्रेनों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसमें प्रमुख पुल और वायडक्ट शामिल होंगे।
- भारत ने भूटान की 13th Five-Year Plan (2024-2029) के लिए ₹10,000 करोड़ की विकास सहायता का वादा किया है।
- रेल लिंक भूटान को बड़े भारतीय रेलवे नेटवर्क में एकीकृत करेंगे, जिससे EXIM व्यापार आसान हो जाएगा।
परीक्षा तथ्य
- दो रेल लिंक की कुल दूरी 89 किमी है, जिसकी अनुमानित लागत ₹4,033 करोड़ है।
- भूटान को भारत की 13th Five-Year Plan सहायता (2024-2029) ₹10,000 करोड़ है।
- प्रमुख जलविद्युत सहयोगों में Chukha, Tala, Mangdechhu, Kurichhu और Punatsangchhu II शामिल हैं।
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