कोरल माइक्रोअटोल्स (Coral Microatolls) ने मालदीव और लक्षद्वीप द्वीप समूह में समुद्र के स्तर में तेजी से वृद्धि का खुलासा किया
प्राकृतिक ज्वार गेज (tide gauges) के रूप में कोरल माइक्रोअटोल्स का उपयोग करने वाले एक नए अध्ययन से पता चलता है कि हिंद महासागर में समुद्र का स्तर पहले के विश्वास से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। मालदीव और लक्षद्वीप में शोध पिछले 60 वर्षों में कुल 30-40 सेमी की वृद्धि दर्शाता है, जिसकी गति 1950 के दशक के अंत में शुरू हुई थी। 3.3 mm/year की वर्तमान दर वैश्विक औसत से अधिक है। यह वार्मिंग प्रवृत्ति महासागर की गतिशीलता को प्रभावित करती है और कोरल ब्लीचिंग (coral bleaching) की आवृत्ति को बढ़ाती है। अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि माइक्रोअटोल्स उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक डेटा प्रदान करते हैं जहां दीर्घकालिक ज्वार गेज रिकॉर्ड की कमी है, जो प्रभावी जलवायु अनुकूलन रणनीतियों को विकसित करने के लिए आवश्यक है।
मुख्य बिंदु
- कोरल माइक्रोअटोल्स डिस्क के आकार की कॉलोनियां हैं जो अपनी अद्वितीय ऊपर की ओर बढ़ने की सीमाओं के माध्यम से समुद्र के स्तर में बदलाव को रिकॉर्ड करती हैं।
- हिंद महासागर औसत से अधिक वार्मिंग का अनुभव कर रहा है, जिससे कोरल ब्लीचिंग की घटनाएं तेज हो गई हैं।
- मालदीव और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र का स्तर वैश्विक औसत दर की तुलना में काफी तेजी से बढ़ा है।
- क्षेत्रीय समुद्र-स्तर के पैटर्न Indian Ocean Dipole (IOD) और El Niño घटनाओं से भारी रूप से प्रभावित होते हैं।
परीक्षा तथ्य
- वृद्धि दर: हिंद महासागर में 3.3 mm/year।
- अध्ययन स्थल: Huvadhoo Atoll (मालदीव) और लक्षद्वीप।
- ऐतिहासिक डेटा: समुद्र के स्तर में वृद्धि की गति 1950 के दशक के अंत में शुरू होने के रूप में पहचानी गई।
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