बूथ-स्तरीय एजेंटों ने चुनावी रोल संशोधन पर EC के 'कोई आपत्ति नहीं' के दावों का खंडन किया
विपक्षी दलों के बूथ-स्तरीय एजेंट चुनाव आयोग (EC) के इस दावे का खंडन कर रहे हैं कि चुनावी रोल संशोधनों के संबंध में कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी। वे आरोप लगाते हैं कि डुप्लिकेट प्रविष्टियों और मृत मतदाताओं जैसी विसंगतियों के बारे में उनकी शिकायतों को EC द्वारा ठीक से दर्ज या संबोधित नहीं किया गया। EC ने कहा था कि देश भर में केवल 43,123 आपत्तियां दर्ज की गईं, लेकिन विपक्षी दलों का दावा है कि उन्होंने इससे कहीं अधिक आपत्तियां प्रस्तुत की थीं, जिन्हें अक्सर अस्वीकार कर दिया गया या औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं किया गया। यह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के बारे में चिंताएं बढ़ाता है।
मुख्य बिंदु
- विपक्षी दलों के बूथ-स्तरीय एजेंट चुनावी रोल संशोधनों पर EC के न्यूनतम आपत्तियों के दावे पर विवाद कर रहे हैं।
- एजेंटों का आरोप है कि विसंगतियों के संबंध में उनकी शिकायतों को अक्सर दर्ज या औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं किया गया।
- EC ने देश भर में केवल 43,123 आपत्तियां दर्ज होने की सूचना दी, जिस आंकड़े पर विपक्षी दलों ने विवाद किया।
- चुनावी रोल संशोधन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के बारे में चिंताएं उठाई जा रही हैं।
परीक्षा तथ्य
- चुनाव आयोग (EC) चुनावी रोल संशोधनों के लिए जिम्मेदार है।
- EC ने दावा किया कि देश भर में 43,123 आपत्तियां दर्ज की गईं।
- इस प्रक्रिया में बूथ-स्तरीय एजेंट (BLAs) शामिल होते हैं।
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