ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने महानदी जल विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की इच्छा व्यक्त की

ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने Mahanadi river जल बंटवारे पर अपने लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की इच्छा व्यक्त की है। जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की अध्यक्षता वाले Mahanadi Water Disputes Tribunal (MWDT) ने राज्यों को अतिरिक्त समय दिया है, जिसमें 6 सितंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की गई है, ताकि वे अपने निपटान की प्रगति पर रिपोर्ट कर सकें। ओडिशा के Advocate-General ने मुख्यमंत्री मोहन माझी (ओडिशा) और विष्णु देव साई (छत्तीसगढ़) के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों और पत्राचार के सबूत पेश किए, जिसमें पुष्टि की गई कि एक समझौता विचाराधीन है। ओडिशा ने समाधान प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए Union Jal Shakti Ministry के मार्गदर्शन में और Central Water Commission (CWC) के नेतृत्व में राज्यों की एक संयुक्त समिति स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।

मुख्य बिंदु

  • ओडिशा और छत्तीसगढ़ Mahanadi river जल बंटवारे विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान चाहते हैं।
  • Mahanadi Water Disputes Tribunal (MWDT) ने राज्यों को समझौता करने के लिए और समय दिया है।
  • विवाद समाधान के संबंध में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच उच्च-स्तरीय चर्चा चल रही है।
  • ओडिशा ने Union Jal Shakti Ministry के मार्गदर्शन में और CWC के नेतृत्व में एक संयुक्त समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है।
  • न्यायाधिकरण के समक्ष अगली सुनवाई 6 सितंबर को निर्धारित है, जिसमें वार्ता की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

परीक्षा तथ्य

  • विवाद: Mahanadi river जल बंटवारा।
  • न्यायाधिकरण: Mahanadi Water Disputes Tribunal (MWDT), जिसकी अध्यक्षता जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी कर रही हैं।
  • प्रस्तावित समिति: राज्यों की संयुक्त समिति, Union Jal Shakti Ministry के मार्गदर्शन में, Central Water Commission (CWC) के नेतृत्व में।
  • अगली सुनवाई की तारीख: 6 सितंबर।

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