पुलिस अनिवार्य ऑडियो-विजुअल साक्ष्य संग्रह के लिए e-Sakshaya मोबाइल ऐप लॉन्च करेगी

तमिलनाडु पुलिस जल्द ही "e-Sakshaya" नामक एक मोबाइल ऐप लॉन्च करेगी, जिसे Union Ministry of Home Affairs द्वारा अनिवार्य ऑडियो-विजुअल साक्ष्य एकत्र करने के लिए विकसित किया गया है। यह ऐप पुलिस कर्मियों को अपराध स्थलों, गवाहों की तस्वीरें और वीडियो अपलोड करने और अपरिवर्तनीय SID पैकेट (सुरक्षित, भू-टैग किए गए, समय-मुद्रांकित साक्ष्य के साथ hash verification) उत्पन्न करने में सक्षम बनाएगा, जिससे साक्ष्य की श्रृंखला और स्वीकार्यता मजबूत होगी। एप्लिकेशन डेटा अखंडता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए blockchain technology का उपयोग करता है। अपलोड किए गए साक्ष्य Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) के माध्यम से मजिस्ट्रेटों और अदालतों के लिए सुलभ होंगे।

मुख्य बिंदु

  • तमिलनाडु पुलिस द्वारा ऑडियो-विजुअल साक्ष्य एकत्र करने के लिए e-Sakshaya मोबाइल ऐप लॉन्च किया जा रहा है।
  • Union Ministry of Home Affairs द्वारा विकसित, इसका उद्देश्य साक्ष्य की श्रृंखला और स्वीकार्यता को मजबूत करना है।
  • यह ऐप वीडियो, तस्वीरें और गवाहों का विवरण रिकॉर्ड करता है, सुरक्षित, भू-टैग किए गए और hash verification के साथ समय-मुद्रांकित साक्ष्य पैकेट उत्पन्न करता है।
  • एकत्रित साक्ष्य की डेटा अखंडता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए blockchain technology का उपयोग किया जाता है।
  • e-Sakshaya के माध्यम से अपलोड किए गए साक्ष्य Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) के माध्यम से मजिस्ट्रेटों और अदालतों के लिए सुलभ होंगे।

परीक्षा तथ्य

  • ऐप का नाम: e-Sakshaya।
  • द्वारा विकसित: Union Ministry of Home Affairs।
  • साक्ष्य संग्रह का कानूनी आधार: Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023।
  • एकीकृत प्रणाली: Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS), जो पुलिस, अदालतों, जेलों, फोरेंसिक लैब और अभियोजन को जोड़ता है।

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