रुपये 2,000 से अधिक के UPI भुगतानों पर मर्चेंट्स को देना होगा 0.4% शुल्क
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.50% पर अपरिवर्तित रखते हुए मर्चेंट्स, व्यापारियों और व्यवसायों के लिए रुपये 2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर 15 अक्टूबर से 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) की घोषणा की है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेन-देन और छोटे विक्रेता इन शुल्कों से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। इसके अलावा, केंद्र ने बैंकों को सलाह दी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस शुल्क का बोझ आम ग्राहकों पर न पड़े, जिससे डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की वहनीयता और निरंतरता बनी रहे।
मुख्य बिंदु
- RBI ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट को 5.50% पर अपरिवर्तित रखा है।
- व्यापारिक संस्थाओं और व्यापारियों के लिए रुपये 2,000 से अधिक के UPI भुगतानों पर 0.4% MDR लगाया गया है।
- व्यक्ति-से-व्यक्ति लेन-देन और छोटे विक्रेता इन शुल्कों से पूरी तरह मुक्त हैं।
- केंद्र ने बैंकों को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यह शुल्क अंतिम उपभोक्ता ग्राहकों पर न डाला जाए।
परीक्षा तथ्य
- रेपो रेट 5.50% पर बनाए रखा गया है।
- UPI भुगतानों पर MDR शुल्क का प्रतिशत 0.4% है।
- शुल्क के लिए सीमा राशि रुपये 2,000 से अधिक है।
- कार्यान्वयन की प्रभावी तिथि 15 अक्टूबर, 2026 है।
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