भारतीय खेलों में डोपिंग संकट और अखंडता की चुनौतियां
एशियाई खेलों जैसे प्रमुख बहु-खेल आयोजनों से पहले, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसी विधाओं में भारतीय एथलीटों के बीच पॉजिटिव डोपिंग मामलों की बाढ़ ने देश को शर्मसार कर दिया है। भारत लगातार वर्षों से वैश्विक डोपिंग चार्ट में शीर्ष पर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय निकायों से कड़ी चेतावनी मिली है और Athletics Integrity Unit (AIU) ने उच्च डोपिंग जोखिमों के कारण भारत को डिग्रेड कर दिया है। विशेषज्ञों ने National Anti-Doping Agency (NADA) को मजबूत करने, बजटीय आवंटन बढ़ाने, National Anti-Doping Act को सख्ती से लागू करने और प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं को काटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है।
मुख्य बिंदु
- प्रमुख खेलों से पहले कई डोपिंग पॉजिटिव मामलों ने भारत को वैश्विक डोपिंग चार्ट पर एक शर्मनाक स्थिति में ला दिया है।
- डoping के अत्यधिक उच्च जोखिम के कारण Athletics Integrity Unit (AIU) ने भारत को डिग्रेड कर दिया है।
- डोपिंग की समस्या को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए NADA को अधिक परिचालन स्वतंत्रता और बढ़े हुए बजट आवंटन की आवश्यकता है।
- National Anti-Doping (Amendment) Act, 2025 का सख्त कार्यान्वयन डोपिंग रोधी निकायों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
परीक्षा तथ्य
- प्रमुख अधिनियम: National Anti-Doping (Amendment) Act, 2025
- संदर्भ में उल्लिखित Global Hunger Index रैंकिंग: 123 देशों में से 102वां
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