भारत का स्टील सेक्टर Green Steel और नीतिगत समर्थन के माध्यम से विकास के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है
भारत का स्टील सेक्टर Green Steel के उद्भव, उच्च क्षमता और मजबूत नीतिगत समर्थन से प्रेरित होकर स्थिरता पर केंद्रित एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। हालांकि यह सेक्टर औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है, Green Steel की ओर संक्रमण उच्च लागत, बुनियादी ढांचे की बाधाओं और Green Hydrogen की आवश्यकता जैसी चुनौतियां पेश करता है। विशेषज्ञों का जोर है कि यह संक्रमण केवल एक औद्योगिक बदलाव नहीं बल्कि एक जलवायु अनिवार्य आवश्यकता है। भारत के Net Zero 2070 लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए National Green Hydrogen Mission के तहत प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां सहित नीतिगत उपाय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य बिंदु
- भारत का स्टील सेक्टर Green Steel और Green Hydrogen एकीकरण के माध्यम से स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।
- कठिन-से-घटाने वाले (hard-to-abate) स्टील सेक्टर में नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढांचा और तकनीक आवश्यक हैं।
- चुनौतियों में Green Hydrogen और स्वच्छ तकनीकों की उच्च लागत के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएं शामिल हैं।
- भारत के Net Zero 2070 लक्ष्य के अनुरूप हरित संक्रमण उत्सर्जन को कम करेगा और दीर्घकालिक वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करेगा।
परीक्षा तथ्य
- भारत का दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्य 2070 तक Net Zero प्राप्त करना है।
- National Green Hydrogen Mission के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन भारी उद्योगों में हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण में सहायता करते हैं।
पढ़ें। याद रखें। याद करें।
स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।