SC ने Bar Council के निर्णयों की देखरेख के आदेश दिए
चेयरमैन Manan Kumar Mishra के खिलाफ आरोप उठाने वाली याचिकाओं के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने Bar Council of India के निर्णयों की न्यायिक देखरेख का आदेश दिया है। याचिका में उठाए गए मुख्य चिंताओं में BCI chairperson और vice-chairperson के कार्यकाल का विस्तार, BCI Pearl First Trust का गठन, गोवा सरकार के साथ भूमि अधिग्रहण विवाद, और अभिनंदन समारोहों पर अत्यधिक खर्च शामिल हैं। Chief Justice Surya Kant के नेतृत्व वाली बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि अदालत दैनिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करेगी, लेकिन संस्थागत अखंडता को बनाए रखा जाना चाहिए। चुनाव होने तक नीतिगत मामलों पर Attorney-General और Solicitor-General से परामर्श किया जाना है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकाल विस्तार और प्रशासनिक निर्णयों के संबंध में BCI से पूछताछ की।
- आरोपों में ट्रस्टों का गठन और BCI पदाधिकारियों से जुड़े भूमि आवंटन शामिल थे।
- अदालत ने BCI के दैनिक कार्यों को बाधित किए बिना संस्थागत अखंडता बनाए रखने पर जोर दिया।
- चुनाव होने तक नीतिगत मामलों पर Attorney-General और Solicitor-General से परामर्श किया जाएगा।
परीक्षा तथ्य
- Article 17 सभी रूपों में अस्पृश्यता को समाप्त करता है और नागरिक अधिकारों की रक्षा करता है।
- Bar Council of India Rules के Chapter I, Part II के नियम 12(2) के तहत BCI chairperson के कार्यकाल की अधिकतम अवधि दो वर्ष है।
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