मेघालय विधानसभा ने यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण का विरोध किया, सामुदायिक अधिकारों को बरकरार रखा।
मेघालय विधानसभा ने राज्य में यूरेनियम खनन और किसी भी यूरेनियम अयस्क-प्रसंस्करण सुविधा की स्थापना का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव अपनाया। मुख्यमंत्री Conrad K. Sangma ने कहा कि सरकार Domiasiat और Wahkaji जैसे क्षेत्रों में दशकों से विरोध कर रहे समुदायों के साथ है। यह प्रस्ताव भूमि और खनिजों पर निजी और सामुदायिक भूस्वामियों के अधिकारों को मान्यता देने वाले 2019 के Supreme Court के आदेश का संदर्भ देता है, जो Sixth Schedule द्वारा सामुदायिक स्वामित्व के संरक्षण को मजबूत करता है। यह विधायी कवच रेडियोधर्मी खनिज अन्वेषण के खिलाफ एक लंबे समय से चले आ रहे जन आंदोलन का समर्थन करता है, और इस निर्णय को केंद्र सरकार को सूचित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- मेघालय विधानसभा ने राज्य में यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण सुविधाओं के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया।
- यह प्रस्ताव भूमि और खनिजों पर सामुदायिक तथा निजी भूस्वामियों के अधिकारों को बरकरार रखता है, जिसमें 2019 के Supreme Court के आदेश और Sixth Schedule का संदर्भ दिया गया है।
- Domiasiat और Wahkaji जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय 1990 के दशक से यूरेनियम अन्वेषण के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
- राज्य सरकार अपने निर्णय से केंद्र सरकार को अवगत कराएगी।
- मेघालय में उच्च-श्रेणी के यूरेनियम के भारत के सबसे बड़े भंडारों में से एक है, जिसका अनुमान 9.22 मिलियन टन है।
परीक्षा तथ्य
- यह प्रस्ताव 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा द्वारा अपनाया गया था।
- "State of Meghalaya versus the All Dimasa Students' Union" मामले में Supreme Court के 2019 के आदेश ने भूमि और खनिजों पर सामुदायिक अधिकारों को मान्यता दी।
- संविधान की Sixth Schedule मेघालय में भूमि और संसाधनों के सामुदायिक, कबीले और व्यक्तिगत स्वामित्व की रक्षा करती है।
- मेघालय में अनुमानित 9.22 मिलियन टन यूरेनियम भंडार है, जो भारत के कुल भंडार का 16% है।
- Anti-Uranium Day 28 अक्टूबर को Spility Lyngdoh Langrin की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
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