SC ने मुसलमानों के बीच बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को नोटिस जारी किया, जिसमें मुसलमानों के बीच बहुविवाह को असंवैधानिक घोषित करने वाली याचिका पर उसकी प्रतिक्रिया मांगी गई। याचिका में धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के लिए इस प्रथा को समाप्त करने के लिए विधायी कदम उठाने की भी मांग की गई है। कार्यकर्ता Zakia Soman और अन्य द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया है कि बहुविवाह "महिला दरिद्रता का प्राथमिक चालक" है और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की Section 82 के समान आवेदन का आह्वान किया गया है, जो मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत छूट को हटाकर द्विविवाह को दंडित करता है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों के बीच बहुविवाह को असंवैधानिक चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।
- याचिका में धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के लिए बहुविवाह को समाप्त करने के लिए विधायी कार्रवाई की मांग की गई है।
- कार्यकर्ताओं का तर्क है कि बहुविवाह "महिला दरिद्रता का प्राथमिक चालक" है।
- याचिका में द्विविवाह पर Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की Section 82 के समान आवेदन का आह्वान किया गया है।
परीक्षा तथ्य
- न्यायालय: सुप्रीम कोर्ट।
- याचिकाकर्ता: कार्यकर्ता Zakia Soman और अन्य।
- कानून: Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), Section 82 (द्विविवाह को दंडित करता है)।
- मुद्दा: मुसलमानों के बीच बहुविवाह।
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