कैबिनेट ने तैरते सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए ₹5,070 करोड़ की योजना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana को मंजूरी दी, जो तैरते सौर ऊर्जा विकास में तेजी लाने के लिए ₹5,070 करोड़ की योजना है। इस योजना का लक्ष्य 2030-31 तक 5,000 MW तैरती सौर क्षमता हासिल करना है, जिसमें प्रति MW ₹1 करोड़ तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत परियोजनाओं में कम से कम दो घंटे (10,000 MWh) के बराबर बैटरी ऊर्जा भंडारण शामिल होना चाहिए ताकि राज्यों को चरम मांग को पूरा करने और नवीकरणीय ऊर्जा के उतार-चढ़ाव का प्रबंधन करने में मदद मिल सके। यह पहल राजस्थान और गुजरात जैसे भूमि-गहन क्षेत्रों से परे सौर प्रतिष्ठानों में विविधता लाने का प्रयास करती है, जिसमें सीमित भूमि उपलब्धता वाले राज्यों में जल निकायों का लाभ उठाया जाता है।

मुख्य बिंदु

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तैरते सौर ऊर्जा के लिए Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana को मंजूरी दी।
  • इस योजना का परिव्यय ₹5,070 करोड़ है और इसका लक्ष्य 2030-31 तक 5,000 MW क्षमता है।
  • यह प्रति MW ₹1 करोड़ तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • परियोजनाओं को चरम मांग और नवीकरणीय ऊर्जा के उतार-चढ़ाव का प्रबंधन करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण को एकीकृत करना चाहिए।
  • इस योजना का उद्देश्य सौर प्रतिष्ठानों में विविधता लाना है, विशेष रूप से बड़े जल निकायों और सीमित भूमि वाले राज्यों में।

परीक्षा तथ्य

  • योजना का नाम: Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana।
  • परिव्यय: ₹5,070 करोड़।
  • लक्ष्य: 2030-31 तक 5,000 MW।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: Solar Energy Corporation of India।
  • सबसे बड़ी परियोजना: मध्य प्रदेश में Omkareshwar floating solar park (278 MW, 600 MW की योजना)।

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