एमनेस्टी रिपोर्ट: भारत हथियार आपूर्ति के माध्यम से इजरायल के युद्ध अपराधों में मिलीभगत का जोखिम उठाता है

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट, 'Made in India: The Supply of Weapons and Ammunition to Israel', बताती है कि भारत गाजा में "मानवता के खिलाफ अपराधों" और "युद्ध अपराधों" में मिलीभगत का जोखिम उठाता है। रिपोर्ट व्यापार डेटा का उपयोग यह दिखाने के लिए करती है कि भारत अक्टूबर 2023 और नवंबर 2025 के बीच इजरायल को सैन्य उपकरणों का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बन गया, जिसमें 2,500 से अधिक शिपमेंट शामिल थे, जिनमें छोटे हथियार, गोला-बारूद और तोपखाने के गोले के घटक शामिल थे। यह इस बात पर प्रकाश डालता है कि निजी निर्माताओं (जैसे PLR Systems, Indo-MIM) और सरकारी संस्थाओं (जैसे Munitions India) दोनों ने हथियारों की आपूर्ति की, जो इजरायल को हथियारों के निर्यात को विनियमित करने में भारत की विफलता का संकेत देता है।

मुख्य बिंदु

  • एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत गाजा में इजरायल के युद्ध अपराधों में हथियार आपूर्ति के कारण मिलीभगत का जोखिम उठाता है।
  • भारत अक्टूबर 2023 और नवंबर 2025 के बीच इजरायल को एक महत्वपूर्ण सैन्य आपूर्तिकर्ता बन गया।
  • भारत से इजरायल को छोटे हथियार, गोला-बारूद और घटकों के 2,500 से अधिक शिपमेंट भेजे गए।
  • निजी और सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय संस्थाएं दोनों सैन्य उपकरणों की आपूर्ति में शामिल थीं।
  • रिपोर्ट बताती है कि भारत हथियारों के निर्यात को विनियमित करने में विफल रहा, संभावित रूप से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया।

परीक्षा तथ्य

  • रिपोर्ट: एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा 'Made in India: The Supply of Weapons and Ammunition to Israel'।

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