आक्रामक पौधों की प्रजातियाँ असम की तितलियों के लिए महत्वपूर्ण अमृत स्रोत के रूप में कार्य करती हैं, अध्ययन में पाया गया
असम के Raimona National Park में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि कुछ आक्रामक विदेशी पौधों की प्रजातियाँ, जिन्हें अक्सर अवांछनीय माना जाता है, बड़ी संख्या में तितली प्रजातियों के लिए प्रमुख अमृत स्रोत के रूप में कार्य करती हैं। शोधकर्ताओं ने 220 तितली प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया और 41 अमृत पौधों की पहचान की, जिनमें Lantana camara, Chromolaena odorata और Ziziphus mauritiana शामिल हैं, जो आक्रामक प्रजातियाँ हैं। ये पौधे प्रचुर मात्रा में अमृत प्रदान करते हैं, खासकर जब देशी जंगली फूल दुर्लभ होते हैं, और उनकी लंबी फूलने की अवधि तितली आबादी को बनाए रखने में मदद करती है। अध्ययन से पता चलता है कि तितलियों के लिए निरंतर अमृत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संरक्षित परिदृश्यों में इन आक्रामक पौधों के छोटे, प्रबंधित पैच को बनाए रखना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- Lantana camara और Chromolaena odorata जैसी आक्रामक पौधों की प्रजातियाँ असम के Raimona National Park में तितलियों के लिए महत्वपूर्ण अमृत स्रोत हैं।
- ये "अवांछित" पौधे आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं, खासकर जब देशी जंगली फूल दुर्लभ होते हैं।
- उनकी लंबी फूलने की अवधि और उच्च अमृत उपलब्धता तितली आबादी को बनाए रखने में मदद करती है।
- अध्ययन तितली विविधता का समर्थन करने के लिए संरक्षित क्षेत्रों में इन आक्रामक प्रजातियों के छोटे पैच को प्रबंधित करने की सिफारिश करता है।
परीक्षा तथ्य
- स्थान: Raimona National Park, Bodoland Territorial Region, Assam
- शोधकर्ता: Bishal Basumatary, Kushal Choudhury (Bodoland University)
- अध्ययन अवधि: 2022-2025
- दस्तावेजीकृत तितली प्रजातियाँ: 220
- प्रमुख आक्रामक प्रजातियाँ: Lantana camara, Chromolaena odorata, Ziziphus mauritiana
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