सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में विध्वंस अभियान पर दो सप्ताह के लिए रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में चल रहे विध्वंस अभियान पर दो सप्ताह के लिए अंतरिम रोक लगाकर राहत प्रदान की। मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों और घरों को निशाना बनाने वाले इस अभियान को Jamiat Ulama-i-Hind ने 40 प्रभावित निवासियों की ओर से चुनौती दी थी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को जोधपुर में राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच से संपर्क करने का निर्देश दिया, यह देखते हुए कि तथ्यों के विवादित प्रश्नों से जुड़े विवादों का निर्णय क्षेत्राधिकार वाले हाई कोर्ट द्वारा अधिक उचित रूप से किया जाता है। Jamiat Ulama-i-Hind की तथ्य-खोज यात्रा ने जमीनी स्थिति का दस्तावेजीकरण किया, जिसमें बाड़मेर और जैसलमेर में कम से कम चार मस्जिदों के विध्वंस के बाद की स्थिति शामिल थी।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में विध्वंस गतिविधियों पर दो सप्ताह के लिए अंतरिम रोक लगा दी।
- यह याचिका Jamiat Ulama-i-Hind द्वारा दायर की गई थी, जो धार्मिक और आवासीय ढांचों के विध्वंस से प्रभावित निवासियों का प्रतिनिधित्व कर रही थी।
- अदालत ने याचिकाकर्ताओं को तथ्य-आधारित विवादों के लिए राजस्थान हाई कोर्ट से उचित राहत मांगने की सलाह दी।
- विध्वंस अभियान के कारण पहले बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में कम से कम चार मस्जिदों को नष्ट कर दिया गया था।
परीक्षा तथ्य
- याचिकाकर्ता: Jamiat Ulama-i-Hind
- शामिल राज्य: Rajasthan (Barmer और Jaisalmer जिले)
- सुप्रीम कोर्ट बेंच: Justices P.S. Narasimha और Alok Aradhe
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