पश्चिम बंगाल ने 77 जातियों के OBC दर्जे को रद्द करने वाले HC के फैसले के खिलाफ SC याचिका वापस ली
पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली अपनी अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली हैं, जिसमें राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची से 75 मुस्लिम समुदायों सहित 77 जातियों को शामिल करने को रद्द कर दिया गया था। पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ये याचिकाएं दायर की थीं। नव-निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी सरकार ने तब से धर्म-आधारित वर्गीकरण योजनाओं को बंद कर दिया है और 66 समुदायों को नियमित कर दिया है, जिससे उन्हें 7% आरक्षण के लिए पात्रता बहाल हो गई है।
मुख्य बिंदु
- पश्चिम बंगाल सरकार ने OBC दर्जे पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका वापस ले ली।
- उच्च न्यायालय ने राज्य की OBC सूची से 75 मुस्लिम समुदायों सहित 77 जातियों को शामिल करने को रद्द कर दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश अन्य पीड़ित पक्षों को अपील करने से नहीं रोकेगा।
- पश्चिम बंगाल में नई BJP सरकार ने धर्म-आधारित वर्गीकरण बंद कर दिया है और 66 समुदायों को 7% आरक्षण के लिए नियमित कर दिया है।
- मूल याचिकाएं पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा दायर की गई थीं।
परीक्षा तथ्य
- कलकत्ता उच्च न्यायालय का फैसला 22 मई, 2024 को सुनाया गया था।
- उच्च न्यायालय ने 75 मुस्लिम समुदायों सहित 77 वर्गों के आरक्षण को रद्द कर दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट की पीठ में CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना शामिल थे।
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता राज्य की ओर से पेश हुए।
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