अधिक जन्म, मृत्यु दर्ज किए जा रहे हैं: भारत की Civil Registration System के लाभ और कमियाँ
भारत की Civil Registration System (CRS) में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है, जिसमें जन्म और मृत्यु पंजीकरण में पर्याप्त वृद्धि हुई है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में। यह प्रगति सटीक Demographic Data, नीति निर्माण और सेवा वितरण के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, कमियाँ बनी हुई हैं, विशेष रूप से मृत्यु पंजीकरण में और विशिष्ट सामाजिक समूहों के बीच। लेख एक मजबूत CRS के लाभों पर प्रकाश डालता है, जिसमें बेहतर Health Planning, Social Security और Electoral Rolls शामिल हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में अपूर्ण कवरेज और सार्वभौमिक और समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए Digital Integration और Public Awareness अभियानों की आवश्यकता जैसी चुनौतियों को भी इंगित करता है।
मुख्य बिंदु
- भारत की Civil Registration System (CRS) में काफी सुधार हुआ है, जिससे जन्म और मृत्यु पंजीकरण में वृद्धि हुई है।
- बेहतर CRS डेटा सटीक Demographic Statistics, नीति निर्माण और सेवा वितरण के लिए महत्वपूर्ण है।
- कमियाँ बनी हुई हैं, विशेष रूप से मृत्यु पंजीकरण में और कुछ सामाजिक समूहों और क्षेत्रों के बीच।
- एक मजबूत CRS बेहतर Health Planning, Social Security, Electoral Rolls और Disaster Management का समर्थन करता है।
- सार्वभौमिक और समय पर पंजीकरण, Digital Integration और Public Awareness के लिए आगे के प्रयासों की आवश्यकता है।
परीक्षा तथ्य
- जन्म पंजीकरण कवरेज 2016 में 81% से बढ़कर 2020-21 में 99% हो गया।
- मृत्यु पंजीकरण कवरेज 2016 में 69% से बढ़कर 2020-21 में 92% हो गया।
- Registration of Births and Deaths Act, 1969, 21 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य करता है।
- लेख 'Sample Registration System (SRS)' और 'National Family Health Survey (NFHS)' को डेटा स्रोतों के रूप में उल्लेख करता है।
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