लंदन में विश्व प्रवासन सम्मेलन में वैश्विक प्रवासन रुझानों पर चर्चा
1926 की यह पुरालेखीय रिपोर्ट लंदन में विश्व प्रवासन सम्मेलन के उद्घाटन का विवरण देती है, जिसमें 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंतर्राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन महासंघ के श्री ब्राउन द्वारा उजागर किया गया एक मुख्य बिंदु यूरोपीय प्रवासन में महत्वपूर्ण गिरावट थी, जो 1913 में समाप्त पांच वर्षों में सात मिलियन से घटकर 1924 में समाप्त पांच वर्षों में साढ़े तीन मिलियन से कम हो गई। इस गिरावट का मुख्य कारण आप्रवासन प्रतिबंध थे। सम्मेलन ने चीनी लोगों द्वारा एशिया में "मूक पैठ" और अफ्रीकी मूल के लोगों के खनन और कृषि केंद्रों की ओर आवाजाही पर भी ध्यान दिया, जो व्यापक वैश्विक प्रवासन पैटर्न का संकेत देता है।
मुख्य बिंदु
- 1926 में लंदन में विश्व प्रवासन सम्मेलन में वैश्विक प्रवासन रुझानों पर चर्चा हुई।
- 1913 और 1924 के बीच यूरोपीय प्रवासन में महत्वपूर्ण गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण आप्रवासन प्रतिबंध थे।
- सम्मेलन ने चीनी लोगों द्वारा एशिया में "मूक पैठ" पर भी ध्यान दिया।
- अफ्रीकी मूल के लोगों की खनन और कृषि केंद्रों की ओर आवाजाही पर भी प्रकाश डाला गया।
परीक्षा तथ्य
- विश्व प्रवासन सम्मेलन 22 जून, 1926 को लंदन में खुला।
- यूरोपीय प्रवासन सात मिलियन (1908-1913) से घटकर साढ़े तीन मिलियन से कम (1919-1924) हो गया।
- अंतर्राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन महासंघ के श्री ब्राउन ने गिरावट पर जोर दिया।
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