भारत ने Bonn जलवायु वार्ता में जलवायु वित्त और अनुकूलन पर संवाद का आग्रह किया
भारत ने Bonn, Germany में UN जलवायु वार्ता में घटते जलवायु वित्त पूल और बढ़ते अनुकूलन वित्त अंतर पर तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि Paris Agreement का प्रावधान, जो विकसित देशों को विकासशील देशों को धन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य करता है, को समर्पित एजेंडा स्थान दिया जाना चाहिए। भारत ने G77 और China, LMDC, और BASIC bloc के पदों के साथ गठबंधन किया। Bonn बैठक, Antalya, Turkiye में COP31 की तैयारी के लिए एक मध्य-वर्षीय सत्र, कार्यान्वयन चरण में बदलाव पर केंद्रित है, जिसमें Global Goal on Adaptation और Just Transition Work Programme जैसे प्रमुख आइटम शामिल हैं। भारत ने EU के Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) जैसे एकतरफा व्यापार उपायों पर भी संवाद पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु
- भारत ने Bonn जलवायु वार्ता में घटते जलवायु वित्त और बढ़ते अनुकूलन वित्त अंतर को संबोधित करने की वकालत की।
- इसने Paris Agreement के प्रावधान के महत्व पर जोर दिया कि विकसित देश विकासशील देशों को धन प्रदान करें।
- भारत ने Group of 77 और China, Like-Minded Developing Countries (LMDC), और BASIC bloc के साथ गठबंधन किया।
- Bonn बैठक COP31 के लिए एक तैयारी सत्र है, जो बातचीत से कार्यान्वयन की ओर बढ़ने पर केंद्रित है।
- भारत ने EU के Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) जैसे एकतरफा व्यापार उपायों पर भी संवाद का आह्वान किया।
परीक्षा तथ्य
- बैठक: Bonn, Germany में UNFCCC Subsidiary Bodies (SB64) का 64वां सत्र (जून 8-18)।
- भारत के प्रतिनिधि: Harkeerat Randhawa (विदेश मंत्रालय)।
- भविष्य का COP: Antalya, Turkiye में COP31 (नवंबर)।
- प्रमुख गुट: Group of 77 और China, LMDC, BASIC (Brazil, South Africa, India, China)।
- उल्लिखित एकतरफा व्यापार उपाय: EU का Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM)।
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