अल नीनो की चिंताओं के बीच केरल में मानसून की देरी से दस्तक, सामान्य से कम बारिश का अनुमान
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में तीन दिन की देरी से शुरू हुआ, जो अपनी सामान्य 1 जून की शुरुआत और IMD के पूर्वानुमान से चूक गया। यह देरी बढ़ते El Nino के साथ मेल खाती है, जिसके जुलाई-अगस्त तक विकसित होने की World Meteorological Organisation ने 80% संभावना जताई है। India Meteorological Department (IMD) ने सामान्य से कम मानसून का पूर्वानुमान लगाया है, जिसमें लंबी अवधि के औसत वर्षा का 90% अनुमानित है। एक कमजोर मानसून भारत के मुख्य रूप से वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है, जिससे जलाशय से पानी छोड़ने में कमी और भूजल पुनर्भरण में कमी आ सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका प्रभावित होगी।
मुख्य बिंदु
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत सामान्य तिथि की तुलना में तीन दिन देरी से हुई।
- यह देरी बढ़ते El Nino की चिंताओं से जुड़ी है, जिसके जुलाई-अगस्त के लिए उच्च संभावना है।
- IMD ने सामान्य से कम मानसून के मौसम का पूर्वानुमान लगाया है, जिसमें लंबी अवधि के औसत वर्षा का 90% अनुमानित है।
- एक खराब मानसून भारत के वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्र और जल संसाधनों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
- यह 2015 के बाद पहली बार है कि IMD का शुरुआत का पूर्वानुमान उसकी त्रुटि सीमा से बाहर रहा है।
परीक्षा तथ्य
- केरल में मानसून की सामान्य शुरुआत की तारीख: 1 जून।
- IMD का मानसून पूर्वानुमान: लंबी अवधि के औसत का 90% (सामान्य से कम)।
- World Meteorological Organisation (WMO) El Nino की संभावना: जुलाई और अगस्त के लिए 80%।
- IMD पूर्वानुमान सटीकता: 2015 के बाद त्रुटि सीमा से बाहर पहली चूक।
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