केंद्र ने Labour Codes को लागू किया, नियम प्रकाशित किए; ट्रेड यूनियनों ने विरोध किया
केंद्र सरकार ने अंतिम नियमों को प्रकाशित करके चार Labour Codes को लागू कर दिया है, जो पहले दिसंबर 2025 में मसौदा रूप में थे। इस कदम का उद्देश्य 29 मौजूदा श्रम कानूनों को बदलना है, जिसमें मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, काम के घंटे, सेवानिवृत्ति लाभ और ट्रेड यूनियन अधिकार शामिल हैं। हालांकि, इस फैसले का केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने कड़ा विरोध किया है, जो इसे श्रमिकों के अधिकारों पर "सीधा हमला" मानते हैं। उनका तर्क है कि ये कोड नियोक्ताओं के पक्ष में हैं और श्रमिकों के संरक्षण को कमजोर करते हैं, जिससे विरोध प्रदर्शन और संशोधनों की मांग हो रही है, जो सरकारी नीति और श्रम वकालत के बीच एक महत्वपूर्ण विभाजन को उजागर करता है।
मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार ने अंतिम नियमों को प्रकाशित करके चार Labour Codes को लागू किया है।
- इन कोड्स का उद्देश्य 29 मौजूदा श्रम कानूनों को समेकित और प्रतिस्थापित करना है।
- इस कार्यान्वयन में मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, काम के घंटे और ट्रेड यूनियन अधिकारों जैसे पहलू शामिल हैं।
- ट्रेड यूनियन विरोध कर रहे हैं, इन कोड्स को श्रमिकों के अधिकारों के लिए हानिकारक और "सीधा हमला" मान रहे हैं।
परीक्षा तथ्य
- चार Labour Codes को लागू किया गया है।
- ये कोड 29 मौजूदा श्रम कानूनों की जगह लेते हैं।
- मसौदा नियम दिसंबर 2025 में प्रकाशित किए गए थे।
- Bharatiya Mazdoor Sangh सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने देश भर में विरोध प्रदर्शन किया।
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