Special Intensive Revision (SIR) ने भारत की मतदाता सूची को छोटा किया, मतदाता संख्या पर पड़ा असर

भारत की मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) ने मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी की है, जिससे निरंतर वृद्धि की पिछली प्रवृत्ति उलट गई है। इस अभ्यास, जिसमें 13 राज्यों और Union Territories को शामिल किया गया है, में मतदाताओं की संख्या में लगभग छह करोड़ की कमी देखी गई है, और पूरा होने के बाद लगभग 90 करोड़ का अनुमानित राष्ट्रीय कुल होगा। यह कमी मुख्य रूप से ASDD नामों (absent, shifted, dead, or duplicate) को हटाने और गैर-ट्रेसबिलिटी के कारण है। जबकि सूची की सटीकता को मजबूत किया गया है, SIR प्रक्रिया ने नागरिकों पर सबूत का बोझ डाल दिया है, जिससे कुछ लोगों के लिए franchise को फिर से अर्जित करने जैसा हो गया है। Election Commission का लक्ष्य विलोपन पर ध्यान केंद्रित करने के बावजूद, युवाओं और प्रवासियों सहित सभी पात्र नागरिकों के लिए समावेशिता सुनिश्चित करना है।

मुख्य बिंदु

  • Special Intensive Revision (SIR) के कारण भारत की मतदाता सूची में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे इसकी वृद्धि की प्रवृत्ति उलट गई है।
  • कमी का प्राथमिक कारण ASDD (absent, shifted, dead, duplicate) नामों और गैर-ट्रेसबिलिटी को हटाना है।
  • SIR प्रक्रिया ने नागरिकों पर सबूत का बोझ डाल दिया है, जिससे कुछ लोगों के लिए अपनी franchise बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
  • Election Commission का लक्ष्य नव-पात्र युवाओं और अस्थायी प्रवासियों सहित सभी पात्र नागरिकों के लिए समावेशिता सुनिश्चित करना है।

परीक्षा तथ्य

  • मतदाता सूची में कमी: 13 राज्यों/UTs में लगभग 6 करोड़ मतदाता।
  • SIR के बाद अनुमानित राष्ट्रीय मतदाता: ~90 करोड़।
  • पिछला SIR आयोजित: 2002-2004।
  • National Voters' Day: 25 जनवरी।
  • आपत्तियों के लिए फॉर्म: Form 7।

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