WTO का चौदहवाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन वैश्विक व्यापार चुनौतियों का समाधान करने में विफल
World Trade Organization (WTO) का Yaoundé (मार्च 2026) में चौदहवाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) महत्वपूर्ण मुद्दों पर आम सहमति बनाने में विफल रहा, जो नियम-आधारित वैश्विक व्यापार के लिए एक संकट का संकेत है। सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स लेनदेन पर सीमा शुल्क के लिए लंबे समय से चले आ रहे स्थगन (moratorium) और TRIPS Agreement के तहत गैर-उल्लंघन शिकायतों पर स्थगन समाप्त हो गया। भारत के विरोध ने plurilateral Investment Facilitation for Development (IFD) समझौते को WTO ढाँचे में शामिल होने से रोक दिया। लेखक का तर्क है कि MC14 की विफलताएँ अमेरिकी एकतरफावाद (unilateralism) की प्रवृत्तियों को बढ़ाएँगी और देशों को WTO के बाहर व्यापार नियम बनाने की ओर ले जाएँगी, भारत से plurilateral समझौतों के लिए कानूनी सुरक्षा उपाय विकसित करने में नेतृत्व करने का आग्रह किया गया है।
मुख्य बिंदु
- WTO का Yaoundé में चौदहवाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) प्रमुख वैश्विक व्यापार मुद्दों पर आम सहमति तक पहुँचने में विफल रहा।
- इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स लेनदेन पर सीमा शुल्क के लिए स्थगन (moratorium), जो 1998 से लागू था, 31 मार्च को समाप्त हो गया।
- TRIPS Agreement के तहत गैर-उल्लंघन शिकायतों पर स्थगन (moratorium), जो 1995 से लागू था, भी समाप्त हो गया।
- भारत ने Investment Facilitation for Development (IFD) समझौते को WTO acquis में शामिल करने का विरोध किया।
- सम्मेलन की विफलता से एकतरफावाद (unilateralism) और WTO ढाँचे के बाहर व्यापार नियमों के गठन में तेजी आने की उम्मीद है।
परीक्षा तथ्य
- WTO का चौदहवाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) मार्च 2026 में Yaoundé, Cameroon में आयोजित किया गया था।
- ई-कॉमर्स स्थगन (moratorium), जो 1998 से लागू था, 31 मार्च को समाप्त हो गया।
- TRIPS Agreement का गैर-उल्लंघन शिकायतों पर स्थगन (moratorium) 1995 से लागू था।
- Investment Facilitation for Development (IFD) समझौते को 166 देशों में से 129 का समर्थन प्राप्त था।
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