केंद्र ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाया; उपभोक्ताओं के लिए कीमतें अपरिवर्तित

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (special additional excise duty) में प्रत्येक पर ₹10 प्रति लीटर की कमी की है, जिससे डीजल पर शुल्क शून्य और पेट्रोल पर ₹3 प्रति लीटर हो गया है। हालांकि, इस कटौती से उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतें कम नहीं होंगी। इसके बजाय, इसका उद्देश्य उच्च और बढ़ती तेल कीमतों के कारण Oil Marketing Companies (OMCs) पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इस कदम से 15 दिनों में राजकोष पर ₹7,000 करोड़ का बोझ पड़ने की उम्मीद है। सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क (export duties) बढ़ाकर ₹1.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹9.5 प्रति लीटर कर दिया है, जिससे राजकोष में ₹1,500 करोड़ जुड़ने की उम्मीद है, जिससे कुछ प्रभाव कम होगा। OMCs को प्रतिदिन महत्वपूर्ण under-recoveries का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बिंदु

  • केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (special additional excise duty) में ₹10 प्रति लीटर की कमी की।
  • इस शुल्क कटौती से उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतें कम नहीं होंगी, बल्कि इसका उद्देश्य Oil Marketing Companies (OMCs) के नुकसान को कम करना है।
  • कटौती के बाद डीजल पर शुल्क अब शून्य है, और पेट्रोल पर यह ₹3 प्रति लीटर है।
  • सरकार ने राजस्व हानि की आंशिक भरपाई के लिए डीजल और Aviation Turbine Fuel (ATF) पर निर्यात शुल्क (export duties) भी बढ़ाया।
  • उच्च अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के कारण OMCs कथित तौर पर प्रतिदिन लगभग ₹2,400 करोड़ की under-recoveries को वहन कर रही हैं।

परीक्षा तथ्य

  • उत्पाद शुल्क में कटौती: पेट्रोल और डीजल दोनों पर ₹10 प्रति लीटर।
  • डीजल पर नया शुल्क: ₹0 प्रति लीटर; पेट्रोल पर नया शुल्क: ₹3 प्रति लीटर।
  • राजकोष पर अनुमानित लागत: 15 दिनों में ₹7,000 करोड़।
  • निर्यात शुल्क में वृद्धि: डीजल पर ₹1.5/लीटर, ATF पर ₹9.5/लीटर।

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