AI-जनित नकली एक्स-रे रेडियोलॉजिस्ट और AI उपकरणों को धोखा दे सकते हैं
एक अध्ययन से पता चलता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरण नकली एक्स-रे छवियां उत्पन्न कर सकते हैं जो अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट और अन्य AI नैदानिक उपकरणों दोनों को मूर्ख बनाने के लिए पर्याप्त रूप से विश्वसनीय हैं। ये AI-जनित छवियां, जो वास्तविक रोगी परिणामों के समान दिखने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, दुर्भावनापूर्ण अभिनेताओं द्वारा हेरफेर की क्षमता को उजागर करती हैं। अध्ययन में, छह देशों के 12 अस्पतालों के 17 रेडियोलॉजिस्ट ने 264 एक्स-रे छवियों की समीक्षा की, जिनमें से आधी AI-जनित थीं (ChatGPT या RoentGen जैसे उपकरणों का उपयोग करके)। केवल 41% रेडियोलॉजिस्ट ने अनायास AI-जनित छवियों की पहचान की, जो इन नकली छवियों की परिष्कृत प्रकृति को रेखांकित करता है।
मुख्य बिंदु
- AI उपकरण नकली एक्स-रे छवियां उत्पन्न कर सकते हैं जो वास्तविक छवियों से अप्रभेद्य हैं, जो मानव रेडियोलॉजिस्ट और अन्य AI नैदानिक प्रणालियों दोनों को धोखा देती हैं।
- यह क्षमता चिकित्सा इमेजिंग क्षेत्र में दुर्भावनापूर्ण अभिनेताओं द्वारा हेरफेर के एक महत्वपूर्ण जोखिम को उजागर करती है।
- 17 रेडियोलॉजिस्ट से जुड़े एक अध्ययन में पाया गया कि केवल 41% ही अनायास AI-जनित एक्स-रे की पहचान कर पाए।
- अध्ययन में नकली छवियां बनाने के लिए ChatGPT या RoentGen जैसे AI उपकरणों का उपयोग किया गया।
परीक्षा तथ्य
- अध्ययन में छह देशों के 12 अस्पतालों के 17 रेडियोलॉजिस्ट शामिल थे।
- 264 एक्स-रे छवियों की समीक्षा की गई, जिनमें से आधी AI-जनित थीं।
- उपयोग किए गए AI उपकरण: ChatGPT, RoentGen।
- केवल 41% रेडियोलॉजिस्ट ने अनायास AI-जनित छवियों की पहचान की।
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