Great Nicobar में भूमि अधिग्रहण और आदिवासी अधिकारों को लेकर अलोकतांत्रिक राजनीति
Great Nicobar परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को उसके अलोकतांत्रिक स्वरूप और आदिवासी अधिकारों की उपेक्षा के लिए गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। Shompen और Nicobarese जैसे स्वदेशी समुदायों के विस्थापन और संभावित पर्यावरणीय क्षति के बारे में चिंताएं उठाई गई हैं। आलोचकों का तर्क है कि परियोजना में पारदर्शिता, पर्याप्त परामर्श और उचित मुआवजे की कमी है, जो स्वतंत्र, पूर्व और सूचित सहमति के सिद्धांतों को कमजोर करती है। NITI Aayog की रिपोर्ट, जिसने परियोजना की शुरुआत की थी, भी अपनी सिफारिशों के लिए जांच के दायरे में है, जो विकास की आकांक्षाओं और कमजोर समुदायों व पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के बीच संघर्ष को उजागर करती है।
मुख्य बिंदु
- Great Nicobar परियोजना का भूमि अधिग्रहण अलोकतांत्रिक होने और आदिवासी अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए आलोचना का शिकार है।
- चिंताओं में Shompen और Nicobarese जनजातियों का विस्थापन और संभावित पर्यावरणीय क्षति शामिल है।
- प्रक्रिया पर पारदर्शिता, परामर्श और उचित मुआवजे की कमी का आरोप है।
- NITI Aayog की रिपोर्ट की सिफारिशें स्वदेशी समुदायों पर उनके प्रभाव के लिए जांच के दायरे में हैं।
परीक्षा तथ्य
- यह परियोजना Great Nicobar Island में स्थित है।
- यह Shompen और Nicobarese जनजातियों को प्रभावित करती है।
- NITI Aayog की रिपोर्ट ने Great Nicobar परियोजना का प्रस्ताव रखा था।
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