Musi Riverfront Development Project विवाद और विस्थापन की चिंताओं के बीच कायाकल्प का लक्ष्य रखता है
हैदराबाद में Musi Riverfront Development Project का उद्देश्य मौसमी Musi River को बारहमासी नदी में बदलना है, इसके 55-km मार्ग के किनारे अवकाश स्थल, शॉपिंग क्षेत्र और विरासत संरचनाएं विकसित करना है। इस परियोजना में Godavari River से Mallanna Sagar Reservoir के माध्यम से पानी पहुंचाना और 39 नए सीवेज उपचार संयंत्र स्थापित करना शामिल है। हालांकि, यह परियोजना निवासियों, स्वैच्छिक संगठनों और कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना कर रही है, क्योंकि नदी के किनारे की झुग्गियों से जबरन बेदखली और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के बिना भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यह परियोजना निवासियों को भागीदारों के बजाय बाधाओं के रूप में मानती है और पारदर्शिता तथा विस्थापन के बारे में चिंताएं बढ़ाती है।
मुख्य बिंदु
- Musi Riverfront Development Project का उद्देश्य हैदराबाद में Musi River का कायाकल्प करना है, इसे बारहमासी बनाना और इसके किनारों को विकसित करना है।
- मुख्य घटकों में Godavari River से पानी पहुंचाना और नए सीवेज उपचार संयंत्रों का निर्माण शामिल है।
- यह परियोजना नदी के किनारे रहने वाले निवासियों की जबरन बेदखली और भूमि अधिग्रहण के मुद्दों के कारण कड़े विरोध का सामना कर रही है।
- आलोचक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की कमी और निवासियों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को एक बड़ी चिंता के रूप में उजागर करते हैं।
- परियोजना को Asian Development Bank (ADB) से फंडिंग के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
परीक्षा तथ्य
- Musi River: हैदराबाद से होकर 55 km तक बहती है।
- उत्पत्ति: तेलंगाना के Vikarabad district में Ananthagiri hillocks।
- फंडिंग: Asian Development Bank (ADB) से सैद्धांतिक मंजूरी।
- 'Gandhi Sarovar': 'दुनिया की सबसे ऊंची' गांधी प्रतिमा के साथ प्रस्तावित सांस्कृतिक क्षेत्र।
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