पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत के सुरक्षा हित और इजरायल के साथ रणनीतिक साझेदारी
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपनी 'special strategic partnership' की पुष्टि की। मोदी ने जोर दिया कि भारत के सुरक्षा हित सीधे पश्चिम एशिया में स्थिरता से जुड़े हैं। चर्चाएँ India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) और I2U2 (India-Israel-UAE-USA) परियोजनाओं को लागू करने पर केंद्रित थीं। ईरान और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय तनाव के बावजूद, भारत संवाद और शांतिपूर्ण माध्यमों से संघर्षों को हल करने के अपने रुख को बनाए रखता है। इस यात्रा में एक Free Trade Agreement और भूभौतिकीय अन्वेषण, AI-driven खनिज खोज और सतत संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की दिशा में भी प्रगति देखी गई।
मुख्य बिंदु
- भारत और इजरायल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए IMEC और I2U2 परियोजनाओं को लागू करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
- द्विपक्षीय संबंध को रक्षा, प्रौद्योगिकी और संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करते हुए 'special strategic partnership' तक बढ़ाया गया है।
- दोनों राष्ट्र आर्थिक संबंधों और बाजार पहुंच को बढ़ावा देने के लिए 'early signing of a Free Trade Agreement' की तैयारी कर रहे हैं।
- भारत लगातार शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से पश्चिम एशियाई तनावों के समाधान का समर्थन करता है, जो Global South की पुकार को दर्शाता है।
- सहयोग सतत संसाधन विकास और AI का उपयोग करके उन्नत भूभौतिकीय अन्वेषण जैसे नए क्षेत्रों में विस्तारित हो रहा है।
परीक्षा तथ्य
- प्रमुख परियोजनाएं: India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) और I2U2 (India-Israel-UAE-USA)।
- राजनयिक स्थिति: Special Strategic Partnership।
- नया समझौता: भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA)।
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