नया Consumer Price Index आधार वर्ष 2024 बदलते भारतीय उपभोग पैटर्न को दर्शाता है
भारत ने आधुनिक घरेलू खर्च को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए 2024 के नए आधार वर्ष के साथ अपने मुद्रास्फीति सूचकांक (CPI) को अपडेट किया है। संशोधित बास्केट COICOP 2018 वर्गीकरण के आधार पर वस्तुओं को 12 अलग-अलग श्रेणियों में पुनर्गठित करती है। एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है: भोजन का भार (weight) कम हो गया है, जबकि आवास और सेवाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन) की अब बड़ी हिस्सेदारी है। Household Consumption Expenditure Survey (HCES) द्वारा सूचित यह अपडेट, Reserve Bank of India (RBI) को अस्थायी खाद्य मूल्य झटकों और निरंतर सेवा-क्षेत्र की मुद्रास्फीति के बीच अधिक सटीक रूप से अंतर करने की अनुमति देता है, जो प्रभावी ब्याज दरें निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य बिंदु
- वर्तमान उपभोग प्रवृत्तियों को पकड़ने के लिए CPI के आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया गया है।
- नया सूचकांक Classification of Individual Consumption According to Purpose (COICOP) 2018 मानकों का उपयोग करता है।
- डेटा से पता चलता है कि जैसे-जैसे आय बढ़ती है, भोजन पर खर्च का अनुपात कम हो जाता है जबकि सेवाओं पर खर्च बढ़ जाता है।
- तेलंगाना और केरल जैसे राज्य सेवा क्षेत्र में बढ़ती लागत के कारण नए आधार के तहत उच्च मुद्रास्फीति दिखाते हैं।
परीक्षा तथ्य
- नया CPI आधार वर्ष 2024 है, जो पिछले 2012 आधार का स्थान लेगा।
- सूचकांक Household Consumption Expenditure Survey (HCES) डेटा पर आधारित है।
- बास्केट को COICOP 2018 मानकों का पालन करते हुए 12 डिवीजनों में वर्गीकृत किया गया है।
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