विकसित हो रहे अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का विश्लेषण और कृषि एवं कपड़ा पर इसका प्रभाव
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते (Interim Agreement) की टैरिफ कटौती और विशिष्ट क्षेत्र के प्रभावों के संबंध में जांच की जा रही है। अमेरिका भारतीय आयात पर पारस्परिक टैरिफ को घटाकर 18% करने पर सहमत हो गया है, जिससे कपड़ा क्षेत्र को लाभ होगा। हालांकि, इस बात पर विवाद है कि क्या भारत रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए सहमत हुआ है, जिस दावे को भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। कृषि में, भारत नट्स और प्रसंस्कृत फलों जैसे विभिन्न अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ समाप्त करने के लिए सहमत हो गया है, जबकि यह बनाए रखा है कि डेयरी और दालों जैसी संवेदनशील वस्तुएं संरक्षित रहेंगी। इस सौदे में पांच वर्षों में 500 बिलियन डॉलर मूल्य की वस्तुओं से जुड़ी 'buy American' मंशा भी शामिल है।
मुख्य बिंदु
- इस सौदे का लक्ष्य कपड़ा जैसे कुछ सामानों पर मौजूदा 25% से घटाकर 18% का पारस्परिक टैरिफ (reciprocal tariff) करना है।
- भारत का कपड़ा क्षेत्र एक प्रमुख लाभार्थी है, विशेष रूप से कपास सोर्सिंग और शुल्क मुक्त पहुंच के संबंध में नए खंडों के साथ।
- 'Buy American' मंशा में भारत द्वारा ऊर्जा, तकनीक और विमान में संभावित रूप से 500 बिलियन डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान खरीदना शामिल है।
- कृषि बहिष्करण (agricultural exclusions) पर और विवरण स्पष्ट होने के बाद मार्च के मध्य में औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
परीक्षा तथ्य
- प्रस्तावित पारस्परिक टैरिफ: 18%।
- लक्षित अमेरिकी आयात मूल्य: पांच वर्षों में 500 बिलियन डॉलर।
- शामिल प्रमुख क्षेत्र: कृषि (नट्स, फल), कपड़ा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी।
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