CDS का कहना है कि भारत का मानना था कि 1954 के Panchsheel Pact ने चीन के साथ उत्तरी सीमा विवाद को सुलझा लिया था

Chief of Defence Staff (CDS) General Anil Chauhan ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत का मानना था कि 1954 के Panchsheel Agreement ने चीन के साथ उसकी उत्तरी सीमा को सुलझा लिया था। जबकि पूर्व में McMahon Line मौजूद थी, लद्दाख सीमा स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं थी। भारत ने माना कि व्यापार और तीर्थयात्रा के लिए छह दर्रों (passes) की पहचान करके सीमा की वैधता को सुदृढ़ किया गया था। हालांकि, चीन ने बाद में यह रुख अपनाया कि समझौता केवल व्यापार के लिए था और सीमा विवाद पर उनके रुख को प्रतिबिंबित नहीं करता था। यह ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य चल रहे क्षेत्रीय मतभेदों की जड़ों और 1954 के समझौते के बाद आई रणनीतिक अस्पष्टता पर प्रकाश डालता है।

मुख्य बिंदु

  • भारत ने शुरू में 1954 के Panchsheel Agreement को चीन के साथ उत्तरी सीमा के वास्तविक समाधान (de facto settlement) के रूप में देखा था।
  • McMahon Line पूर्वी क्षेत्र में सीमा के रूप में कार्य करती थी, लेकिन लद्दाख में पश्चिमी क्षेत्र अपरिभाषित रहा।
  • समझौते में भारत और तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार और तीर्थयात्रा के लिए छह पहाड़ी दर्रों की पहचान की गई थी।
  • चीन की बाद की स्थिति यह थी कि यह समझौता केवल व्यापार और तीर्थयात्रा को नियंत्रित करता था, औपचारिक क्षेत्रीय सीमा को नहीं।

परीक्षा तथ्य

  • Panchsheel Agreement (शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत) पर 1954 में हस्ताक्षर किए गए थे।
  • McMahon Line तिब्बत और ब्रिटिश भारत के बीच की सीमा है जैसा कि Simla Convention (1914) में सहमति व्यक्त की गई थी।
  • 1954 के समझौते में सीमा पार व्यापार और तीर्थयात्रा के लिए छह दर्रों की पहचान की गई थी।

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