मिस्र में खोजे गए Tamil Brahmi शिलालेखों ने Tamilagam के साथ प्राचीन व्यापार संबंधों का खुलासा किया
शोधकर्ताओं ने मिस्र की Valley of the Kings में मकबरों में Tamil Brahmi, Prakrit और Sanskrit में लगभग 30 शिलालेखों की पहचान की है, जो पहली और तीसरी शताब्दी ईस्वी (1st and 3rd Centuries CE) के बीच के हैं। यह क्रांतिकारी खोज Tamilagam, भारत के अन्य हिस्सों और Roman Empire के बीच प्राचीन व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डालती है। 'Cikai Korran' नाम बार-बार सामने आता है, जो पांच मकबरों में आठ बार अंकित है। विद्वानों का सुझाव है कि ये व्यक्ति भारतीय उपमहाद्वीप के आगंतुक थे जिन्होंने मकबरों के अंदर अपना नाम छोड़ने की प्रथा का पालन किया। ये निष्कर्ष Berenike जैसे लाल सागर बंदरगाहों से नील नदी घाटी की ओर पुरातात्विक ध्यान में बदलाव का संकेत देते हैं।
मुख्य बिंदु
- शिलालेख Theban Necropolis, विशेष रूप से मिस्र की Valley of the Kings में पाए गए थे।
- यह खोज प्रारंभिक शताब्दियों ईस्वी के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप और Roman Empire के बीच सक्रिय व्यापार और सांस्कृतिक विनिमय की पुष्टि करती है।
- शिलालेखों में पाया गया 'Korran' नाम Sangam साहित्य, विशेष रूप से Purananooru में भी मौजूद है।
- शिलालेखों की पहचान शोधकर्ता Charlotte Schmid और Ingo Strauch ने 2024-2025 में एक अध्ययन के दौरान की थी।
परीक्षा तथ्य
- शिलालेख पहली से तीसरी शताब्दी ईस्वी (1st to 3rd Century CE) के हैं।
- नाम 'Cikai Korran' संस्कृत के 'shikha' और तमिल 'korram' (विजय) से जुड़ा है।
- Berenike एक ज्ञात प्राचीन लाल सागर बंदरगाह शहर है जहाँ पहले भारतीय शिलालेख पाए गए थे।
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