केंद्र सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों के लिए दिशा-निर्देशों की योजना बना रहा है

रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) उन सेवारत और सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मियों के लिए एक समेकित ढांचा तैयार कर रहा है जो पुस्तकें प्रकाशित करना चाहते हैं। वर्तमान में, जहां सेवारत कर्मी स्पष्ट सेवा नियमों द्वारा शासित होते हैं जिनके लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है, वहीं सेवानिवृत्त कर्मी एक कानूनी अस्पष्टता (grey area) में आते हैं। नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य मौजूदा सेवा नियमों और Official Secrets Act (OSA) के प्रावधानों को शामिल करना है। OSA वर्गीकृत जानकारी या संवेदनशील परिचालन विवरणों के प्रकटीकरण को एक आपराधिक अपराध बनाता है, और यह अधिकारियों पर सेवानिवृत्ति के बाद भी जीवन भर लागू रहता है। यह ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पांडुलिपि (manuscript) मंजूरी की एक प्रक्रिया स्थापित करेगा।

मुख्य बिंदु

  • रक्षा मंत्रालय सेवानिवृत्त सेना अधिकारियों द्वारा पुस्तक लेखन को विनियमित करने के लिए एक एकल समेकित कानून बना रहा है।
  • Official Secrets Act (OSA) वर्गीकृत जानकारी के संबंध में सेवानिवृत्त कर्मियों पर जीवन भर लागू रहता है।
  • सेवारत कर्मियों को आधिकारिक कर्तव्यों के बाहर किसी भी साहित्यिक या राजनीतिक गतिविधि के लिए पहले से ही लिखित पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है।
  • प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के तहत लेखकों को सत्यापन के लिए मंत्रालय को परिचालन विवरण वाली पांडुलिपियां जमा करनी होंगी।

परीक्षा तथ्य

  • Official Secrets Act (OSA) रक्षा कर्मियों पर सेवानिवृत्ति के बाद भी लागू होता है।
  • यह विवाद पूर्व सेना प्रमुख Gen M.M. Naravane के अप्रकाशित संस्मरण 'Four Stars of Destiny' से जुड़ा है।

पढ़ें। याद रखें। याद करें।

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