भारत और मलेशिया ने पीएम मोदी की कुआलालंपुर यात्रा के दौरान संबंधों को सुधारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, जो हालिया तनावों को पीछे छोड़ती है। दोनों देशों ने आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद की स्पष्ट रूप से निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया। मुख्य समझौतों में IIT Madras Global और Advanced Semiconductor Academy of Malaysia से जुड़ा सेमीकंडक्टर्स पर एक MoU शामिल है। चर्चाओं में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल तकनीक शामिल थी। महत्वपूर्ण रूप से, दोनों पक्षों ने प्रचारक Zakir Naik के प्रवास जैसे विवादास्पद मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा से बचने का विकल्प चुना और ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया।
मुख्य बिंदु
- इस यात्रा का उद्देश्य 2024 और 2025 में क्षेत्रीय सुरक्षा पर टिप्पणियों के कारण आए तनाव के बाद संबंधों को सुधारना था।
- IIT Madras Global और मलेशिया की Advanced Semiconductor Academy के बीच सेमीकंडक्टर सहयोग के लिए एक प्रमुख MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
- दोनों राष्ट्र आतंकवाद विरोधी सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हुए।
- दोनों पक्ष व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने के लिए ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा करने पर सहमत हुए।
परीक्षा तथ्य
- IIT Madras Global और Advanced Semiconductor Academy of Malaysia के बीच MoU।
- ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा।
- मलेशिया को BRICS भागीदार देश के रूप में नामित किया गया है।
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