PRIYA ट्रायल ने शिशुओं में दीर्घकालिक स्वास्थ्य और Epigenetics पर Vitamin B12 के प्रभाव को उजागर किया

Pune Rural Intervention in Young Adolescents (PRIYA) ट्रायल ने मातृ Vitamin B12 के स्तर और संतानों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध स्थापित किया है। शोध से पता चलता है कि B12 'नियामकों के नियामक' के रूप में कार्य करता है, जो DNA methylation जैसे epigenetic संशोधनों के माध्यम से जीन अभिव्यक्ति को प्रभावित करता है। गर्भावस्था के दौरान इसकी कमी neural tube defects और खराब भ्रूण विकास से जुड़ी है। अध्ययन से पता चलता है कि किशोरों और गर्भवती महिलाओं में B12 पूरकता भविष्य की पीढ़ियों में 'diabesity' (मधुमेह और मोटापा) को रोक सकती है। विशेषज्ञ पोषण की स्थिति और मानव पूंजी विकास में सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों में B12 को शामिल करने की सलाह देते हैं।

मुख्य बिंदु

  • भारतीय आबादी में, विशेष रूप से शाकाहारियों में, Vitamin B12 की कमी व्यापक है।
  • PRIYA ट्रायल में पाया गया कि किशोरों में B12 पूरकता ने उनके भविष्य के बच्चों के लिए जन्म परिणामों में सुधार किया।
  • B12 methylases नामक एंजाइमों को प्रभावित करता है, जो जीन अभिव्यक्ति को विनियमित करने के लिए DNA में methyl समूह जोड़ते हैं।
  • गर्भवती महिलाओं में कम B12 और उच्च folate स्तर बच्चों में insulin resistance के उच्च जोखिम से जुड़े हैं।

परीक्षा तथ्य

  • PRIYA ट्रायल का पूर्ण रूप Pune Rural Intervention in Young Adolescents है।
  • Vitamin B12 की अनुशंसित दैनिक खुराक (RDA) 2 माइक्रोग्राम बताई गई है।
  • B12 रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका कोशिकाओं के कार्य के लिए आवश्यक है।

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