कर्नाटक सरकार ने Platform-Based Gig Workers’ Welfare Development Board के गठन को अधिसूचित किया
कर्नाटक सरकार ने 2025 के अधिनियम के तहत आधिकारिक तौर पर Karnataka Platform-Based Gig Workers’ Welfare Development Board का गठन किया है। इस कदम का उद्देश्य Zomato, Uber और Amazon जैसे प्लेटफार्मों के साथ जुड़े गिग श्रमिकों के लिए कल्याणकारी उपायों को लागू करना है। श्रमिकों और एग्रीगेटर्स दोनों को 45 दिनों के भीतर बोर्ड के साथ पंजीकरण करना होगा। सामाजिक सुरक्षा लाभों के वित्तपोषण के लिए एग्रीगेटर प्लेटफार्मों पर 1% से 1.5% का कल्याण शुल्क लगाया जाएगा। बोर्ड में सरकार, श्रमिक संघों और एग्रीगेटर प्लेटफार्मों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसमें श्रम मंत्री पदेन अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।
मुख्य बिंदु
- कर्नाटक गिग श्रमिकों के लिए समर्पित कल्याण बोर्ड और फंड बनाने वाले पहले राज्यों में से एक है।
- एग्रीगेटर्स को फंड की सहायता के लिए अपने टर्नओवर के आधार पर कल्याण शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है।
- पंजीकृत गिग श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त करने के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या प्राप्त होगी।
- बोर्ड की संरचना राज्य, श्रमिकों और प्लेटफॉर्म कंपनियों के त्रिपक्षीय प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करती है।
परीक्षा तथ्य
- एग्रीगेटर्स पर कल्याण शुल्क एक विशिष्ट सीमा के साथ 1% से 1.5% के बीच निर्धारित किया गया है।
- एग्रीगेटर्स के पास पंजीकरण पूरा करने और श्रमिक विवरण जमा करने के लिए 45 दिनों की अवधि है।
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