भारत और यूरोपीय संघ Euratom सौदे के तहत परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर सहयोग करेंगे
भारत और यूरोपीय संघ ने India-Euratom समझौते के माध्यम से परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह साझेदारी परमाणु विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा में अनुसंधान और विकास पर केंद्रित है। प्रमुख क्षेत्रों में International Thermonuclear Experimental Reactor (ITER) के माध्यम से संलयन ऊर्जा अनुसंधान और रेडियो-फार्मास्यूटिकल्स जैसे परमाणु ऊर्जा के गैर-शक्ति अनुप्रयोग शामिल हैं। दोनों पक्षों ने Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) पर भी चर्चा की, जो भारतीय लोहे और इस्पात निर्यात पर इसके प्रभाव के कारण विवाद का बिंदु बना हुआ है, जिसमें भारत विनियमन के तहत लचीलेपन की मांग कर रहा है।
मुख्य बिंदु
- यह सहयोग जुलाई 2020 में Euratom के साथ हस्ताक्षरित अनुसंधान और विकास समझौते के अंतर्गत आता है।
- फोकस क्षेत्रों में परमाणु सुरक्षा, विकिरण सुरक्षा और स्वास्थ्य एवं कृषि में परमाणु प्रौद्योगिकी का उपयोग शामिल है।
- भारत और EU दोनों ITER परियोजना में भागीदार हैं, जिसका उद्देश्य संलयन ऊर्जा विकसित करना है।
- EU का CBAM एक प्रमुख अड़चन है, क्योंकि यह स्टील जैसे कार्बन-गहन आयात पर टैरिफ लगाता है।
परीक्षा तथ्य
- Euratom, European Atomic Energy Community है।
- Horizon Europe कार्यक्रम अनुसंधान के लिए EU का प्रमुख वित्त पोषण तंत्र है, जिसमें भारत शामिल होना चाहता है।
पढ़ें। याद रखें। याद करें।
स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।