भारत और EU: FTA और रक्षा सहयोग के माध्यम से रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना

भारत और European Union 16वें India-EU Summit की तैयारी के साथ अपने संबंधों को गहरा कर रहे हैं। मुख्य ध्यान Free Trade Agreement (FTA) पर है, जो कपड़ा, रसायन और डिजिटल सेवाओं में अवसर खोल सकता है। हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं, जैसे कि EU का Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM), जिसे भारत एक गैर-टैरिफ बाधा (non-tariff barrier) के रूप में देखता है। यह साझेदारी रक्षा और सुरक्षा में भी विस्तार कर रही है, जिसमें Security and Defense Partnership का आह्वान किया गया है। यह संरेखण रणनीतिक स्वायत्तता (strategic autonomy) और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (multipolar world order) में साझा विश्वास से प्रेरित है।

मुख्य बिंदु

  • India-EU FTA अंतिम चरण में है, जिसका लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देना है।
  • Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) कुछ भारतीय निर्यातों पर 20-35% कार्बन शुल्क लगाता है।
  • एक प्रस्तावित Security and Defense Partnership भारत को EU के लिए जापान और दक्षिण कोरिया के समकक्ष रखेगी।
  • सहयोग 'Make in India' पहल और हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा तक विस्तृत है।

परीक्षा तथ्य

  • 16th India-EU Summit
  • Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM)
  • 2007 से Free Trade Agreement (FTA) वार्ता

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