हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने पेट्रोल और डीजल पर 'Orphan and Widow Cess' को मंजूरी दी

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के भीतर पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री पर एक समर्पित 'Orphan and Widow Cess' लगाने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी है। इस सेस (Cess) से उत्पन्न राजस्व का उपयोग अनाथों और विधवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। सरकार ने कहा कि यह सेस उपभोक्ताओं पर 'बोझ नहीं' होगा, जबकि सामाजिक कल्याण के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) पर एक राष्ट्रीय नीति को मंजूरी दी और राज्य में इसके कार्यान्वयन के लिए ऊर्जा निदेशालय (Directorate of Energy) को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया।

मुख्य बिंदु

  • सेस का उद्देश्य कमजोर समूहों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक समर्पित कोष बनाना है।
  • कैबिनेट ने भू-तापीय ऊर्जा अन्वेषण के लिए एक नीति अपनाकर ऊर्जा विविधीकरण पर भी ध्यान केंद्रित किया।
  • राज्य में खाद्य परीक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए पोषण प्रोफाइलिंग (Nutritional Profiling) के लिए चार नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
  • Alliance Air को हिमाचल प्रदेश के भीतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार के लिए विशिष्ट मार्गों पर उड़ानें संचालित करने के लिए अधिकृत किया गया था।

परीक्षा तथ्य

  • हिमाचल प्रदेश में ईंधन पर 'Orphan and Widow Cess' शुरू किया गया।
  • Directorate of Energy को राज्य में भू-तापीय ऊर्जा के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया।

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