मतदाता सूची से नाम हटाने और नागरिकता सत्यापन शक्तियों पर Supreme Court ने EC से सवाल किए
Supreme Court ने Electoral Registration Officers (EROs) द्वारा नागरिकता जांच के आधार पर व्यक्तियों को मतदाता सूची से हटाने के अधिकार के संबंध में Election Commission (EC) से सवाल किया। एक Special Intensive Revision (SIR) अभ्यास के दौरान, लगभग 6.5 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। न्यायालय ने चिंता जताई कि क्या ERO का निष्कर्ष किसी व्यक्ति के भारत में रहने के अधिकार की केंद्र सरकार की जांच को प्रेरित कर सकता है। EC ने तर्क दिया कि नागरिकता चुनावी प्रक्रिया का आधार है और हटाए गए व्यक्तियों को अपील करने का अधिकार है, साथ ही यह भी कहा कि वैध मतदाता सूची बनाए रखने के लिए नागरिकता का सत्यापन आवश्यक है।
मुख्य बिंदु
- Supreme Court इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ERO केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय से पहले प्रभावी रूप से 'नागरिकता का रंग' छीन सकते हैं।
- Article 326 और Registration of Electors Rules, 1960 इन विलोपन के लिए EC के अधिकार के दावे के केंद्र में हैं।
- कई राज्यों में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दूसरे चरण में लगभग 6.5 करोड़ नाम हटा दिए गए थे।
- EC का मानना है कि नागरिकता और परिसीमन (delimitations) चुनावी प्रक्रिया के आधार स्तंभ हैं और समावेशन के लिए आवश्यक हैं।
परीक्षा तथ्य
- Article 326 (वयस्क भारतीय नागरिकों का मतदान का अधिकार)
- Registration of Electors Rules of 1960
- SIR प्रक्रिया में 6.5 करोड़ नाम हटाए गए
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