पीने के पानी के गंभीर संदूषण पर National Green Tribunal ने तीन राज्यों को नोटिस जारी किया

National Green Tribunal (NGT) ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पीने के पानी के सीवेज संदूषण की रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लिया है। NGT ने उल्लेख किया कि जर्जर बुनियादी ढांचे और पीने के पानी की लाइनों से गुजरने वाले लीक सीवेज पाइपों के कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हुए हैं, जिसमें इंदौर और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों में जलजनित बीमारियों से मौतें भी शामिल हैं। न्यायाधिकरण ने पाया कि ये मुद्दे प्रथम दृष्टया Environment (Protection) Act, 1986 और Water Act, 1974 के उल्लंघन का संकेत देते हैं, और राज्य सरकारों और CPCB को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य बिंदु

  • उदयपुर, जोधपुर, भोपाल और नोएडा सहित प्रमुख शहरों में संदूषण की सूचना मिली है।
  • NGT ने Central Pollution Control Board (CPCB) और राज्य सरकारों को इस मामले पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
  • ट्यूबवेलों और पीने के पानी की पाइपलाइनों में सीवेज के रिसाव से उल्टी और दस्त का प्रकोप हुआ है।
  • स्थिति दशकों पुराने शहरी जल और सीवेज बुनियादी ढांचे की मरम्मत की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है।

परीक्षा तथ्य

  • Environment (Protection) Act, 1986
  • Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974
  • National Green Tribunal (NGT)

पढ़ें। याद रखें। याद करें।

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