Letter Against Spirit: सार्वभौमिक मताधिकार सुनिश्चित करने के लिए Election Commission का जनादेश
यह संपादकीय मतदाता सूची के "Special Intensive Revision" (SIR) के लिए Election Commission of India (ECI) की आलोचना करता है, जिसके कारण लाखों नाम हटा दिए गए हैं। जबकि ECI विदेशियों को बाहर करने के संवैधानिक कर्तव्य का दावा करता है, लेखक का तर्क है कि यह ध्यान वास्तविक भारतीय नागरिकों को परेशान कर रहा है। Article 324 के तहत, ECI का मतदाता सूची पर स्वतंत्र नियंत्रण है, लेकिन इस शक्ति का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए कि कोई भी भारतीय मताधिकार से वंचित न हो। संपादकीय सुझाव देता है कि ECI की वर्तमान प्राथमिकताएं नामांकन के बजाय निष्कासन को प्राथमिकता देकर इसकी संस्थागत अखंडता और संविधान की भावना को कमजोर कर सकती हैं।
मुख्य बिंदु
- संविधान का Article 324 ECI को मतदाता सूची सहित चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान करता है।
- ECI मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने के लिए Special Intensive Revision (SIR) कर रहा है, जिससे लाखों नाम काट दिए गए हैं।
- आलोचकों का तर्क है कि सामान्य नागरिकों पर अपनी पहचान साबित करने के लिए डाला गया सबूत का बोझ अत्यधिक है और इससे मताधिकार का हनन होता है।
- ECI का प्राथमिक कर्तव्य केवल विदेशियों के निष्कासन के बजाय प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नामांकन होना चाहिए।
परीक्षा तथ्य
- भारतीय संविधान का Article 324
- Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls
- ECI ने 6 जनवरी को Supreme Court के समक्ष अपना पक्ष रखा
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