रक्षा और प्रौद्योगिकी में संस्थागत सहयोग राजनीतिक और व्यापारिक तनाव के बावजूद अमेरिका-भारत संबंधों को बनाए रखता है
व्यापारिक तनाव और टैरिफ के बावजूद, रक्षा और प्रौद्योगिकी में गहरे संस्थागत सहयोग के माध्यम से अमेरिका-भारत संबंध लचीले बने हुए हैं। 2023 INDUS-X और Initiative on Critical and Emerging Technologies (iCET) जैसे प्रमुख ढांचे सहयोग के इस 'समानांतर ट्रैक' को संचालित करते हैं। अक्टूबर 2025 में एक महत्वपूर्ण 10-वर्षीय रक्षा ढांचे पर हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि Quad जैसे राजनीतिक शिखर सम्मेलनों में देरी हो सकती है, लेकिन नौकरशाही और सैन्य-से-सैन्य जुड़ाव, जिसमें Yudh Abhyas और Malabar जैसे संयुक्त अभ्यास शामिल हैं, निरंतरता सुनिश्चित करते हैं। यह संस्थागत गहराई साझेदारी को अल्पकालिक राजनीतिक अस्थिरता और भिन्न राष्ट्रीय हितों से बचने में मदद करती है।
मुख्य बिंदु
- रक्षा और प्रौद्योगिकी समझौते लचीले अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी की रीढ़ हैं।
- 2023 India-U.S. Defense Acceleration Ecosystem (INDUS-X) सह-उत्पादन और सह-विकास को बढ़ावा देता है।
- LEMOA, COMCASA और BECA जैसे बुनियादी समझौते रसद सहायता और सूचना साझाकरण की सुविधा प्रदान करते हैं।
- Tiger Claw और Malabar जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच अंतर-संचालनीयता (interoperability) को बढ़ाते हैं।
परीक्षा तथ्य
- INDUS-X (2023) और iCET (Initiative on Critical and Emerging Technologies) प्रमुख तकनीकी ढांचे हैं।
- बुनियादी समझौते: LEMOA (2016), COMCASA (2018), BECA (2020)।
- SOSA (Security of Supply Arrangement) पर 2024 में हस्ताक्षर किए गए थे।
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